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अहा !.......ये प्यारा जीवन


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रात के 1 बज रहे हैं दुखों के बारे में, भविष्य के चुनौतियों के बारे में सोच रहे हैं और परेशान लग रहे थे. मन में आ रहा था की सब कुछ मैं छोड़ क्यूँ नहीं देता, जीवन में इतना लोड और तनाव लेने का क्या मतलब. लेकिन मेरे साथ ऐसा हमेशा होता हैं जब बहुत परेशान होता हूँ तभी अचानक बहुत खुश हो जाता हूँ.....थोडा अजीब हैं पर सच हैं. हमेशा मन में ये चलते रहता हैं की पता नहीं मैं ये फलां काम करूँ और सफलता ना मिले, कहने का मतलब परिणाम को लेकर हमेशा सशंकित रहते हैं और ये वाजिब भी हैं. लेकिन इस एक मात्र डर से अपने प्रयास में जो कमी आती हैं उससे घबराने लगते हैं. फिर लगता हैं की फेल होने के डर से कोशिश ना करने के ख्याल से, कोशिश करके फेल होने वाला रिस्क ज्यादा अच्छा हैं. कभी कभी भविष्य के चुनौतियों और भावनात्मक स्तर पर लड़ रहे युद्धों से डर लगता हैं लेकिन जब ये डर अपने चरम पर पहुँचता हैं तो माइल्ड स्टील के ब्रेकिंग पॉइंट के ग्राफ जैसे तुरंत डाउन फाल होता हैं. कहने का तात्पर्य ये है की जब बहुत सारी चुनौतियां दिखाई देती हैं तो ये फील होता हैं की हम उस काबिल हैं तभी तो चुनौतियां समझ में आ रही हैं, अगर कभी मन नहीं लगा तो परिस्थिति के अनुसार छोड़ दूंगा, लेकिन जब तक लगा हूँ पूरी ऊर्जा के साथ ही रहूँगा. या फिर कभी कभी मेरे तनाव तुरंत ऐसे कम होते हैं.........जब किसी बात को सोच के परेशान हो रहा हूँ तो तुरंत रोड पर चल रहे ट्राफिक को बाइक पर बैठे देखने के बजाय, हेलीकाप्टर पर बैठ के ट्राफिक देखने लगता हूँ और फिर तुरंत ट्राफिक समस्या का हल सामने होता हैं. यहाँ मैं ट्राफिक समस्या को अपनी कोई व्यक्तिगत समस्या और बाइक को अपने नजर की संकीर्णता और हेलीकाप्टर को दूर दृष्टि मान रहा हूँ. इस तरीके से समस्या फिर समस्या रह ही नहीं जाती, कई हल दिमाग में घुमने लग जाते हैं और कभी कभी हल नहीं भी मिलते तो समस्या सामान्य लगने लगती हैं. जब कभी ट्रेन से कहीं जा रहा होता हूँ तो खिड़की के तरफ चेहरा करके मैं घंटो बैठता हूँ, और प्रकृति के खूबसूरती और मानव के कंक्रीट के बेकार के जंगल के बीच से गुजरते हुए अपने बीते कल को सोचते रहता हूँ और हमेशा उसी बात को सोचकर ख़ुशी मिलती हैं जिस बात पर उस समय बहुत परेशान थे. कुछ कुछ जीवन अब समझ में आ रहा हैं बस हेलीकाप्टर पर चढ़ के ट्रैफिक देखने को आदत बना लेना हैं तो जीवन भविष्य के साथ साथ वर्तमान में भी एकदम खुशियों से भर जायेगी. हर एक परिस्थिति को जब समभाव से लेने की स्थिति आ जाएगी उस दिन मेरा जीवन सफल लगेगा.........लेकिन इससे एक डर भी लगता है की जीवन नीरस ना हो जाए. 

                                           ये मन अपने आप में कितना बड़ा गुरु हैं इसपर बहुत नाज होता हैं और भगवान् के क्रिएशन पर अचंभित भी होता हूँ. आज फिर बड़े दिन बाद अपने आप से प्यार करने का मन करने लगा हैं और मन करता है की कहीं भगवान् मिले और उनको बस गले से लगा कर ढेर सारा प्यार दूँ. इस प्यारी सी जीवन के लिए, जिसमें मुझे पूरी आजादी हैं की मुझे कुछ अच्छा लग सकता हैं, बुरा लग सकता हैं. रो सकता हूँ, खूब हंस सकता हूँ, दुनिया में कहीं भी घूम सकता हूँ, किसी प्रॉब्लम को सोल्व कर सकता हूँ, बहुत लोगों के चेहरों के मुस्कराहट का कारण बन सकता हूँ, हवा में उड़ सकता हूँ, पानी पर दौड़ सकता हूँ, किसी से टूट कर प्यार कर सकता हूँ, बेमिसाल इरादे पाल सकता हूँ, जो चाहे वो कर सकता हूँ और सबसे बड़ी बात जो चाहे कल्पना करके उसका सुख ले सकता हूँ, किसी के साथ पुरे जीवन ना जीकर एक पल में पूरी जिदंगी जी सकता हूँ और इस जीवन के इस असीम संभावनाओं से भरे होने के कारण ही इस जीवन से प्यार हैं. जीवन की सबसे प्यारी और खूबसूरती मुझे इसमें लगती हैं कल क्या होगा इसका पता ही नहीं, इतना रोमांच भला कहा मिलेगा......और इसके साथ हमेशा अपने आप को बदलते देखना भी बहुत सुखदायी होता हैं. .

Love You So Much My Dear God !!!!

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