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My Bucket List....wish list

I have to fullfill my wishlist.....if its all happend then i'll die happiely

1.Writing a Book
2.Play a charachter in movie
3. Perform(Speech, Sing a song etc.) infront of large gathering
4. Sky diving
5. Scuba diving
6. Road trip
7. Camping
8. Trekking
9. Photography

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यादों के झरोखों में...... मेरे पापा

मेरा AMIE और BA दोनों का EXAM चल रहा है इसलिए कल फादर्स डे के मौके पर कुछ लिख नही पाया पर आज मेरा EXAM ओवर हो गया तो सोचा आज लिखूंगा और अब लिख रहा हूँ...............                                          मेरे पापा शिक्षक होने के साथ साथ एक एक महान पापा है. मुझे ऐसा यकीन है की मेरे पापा मेरे लिए और पुरें परिवार के लिए कुछ भी कर सकते है और मैं भी उनके लिए और पूरे परिवार के लिए कुछ भी कर सकता हूँ.  मुझे अपने पापा और माँ से जितना प्यार है शायद उतना किसी और से नही, पर मैं उन लोगों को इसका अहसास नही करा पाता पर मैं मानता हू की ये एक दूसरे से नहीं कही जाने वाली प्यार के तरह का ही प्यार है, जिसमें एक दूसरे का भौतिक रूप से मौजूदगी कोई मायने नही रखती. मुझे अपना गुजरा हुआ बचपन उतना याद नही आता हैं, पर जितनी भी यादें है उसमें से मेरे पापा-माँ के साथ बिताई यादें BEST हैं. मैं जब छोटा था तो ...

मैं मानुष हूँ या अमानुष

मैं मानुष हूँ या अमानुष, लोगों से डरता हूँ, भावनाओं से डरता हूँ, मिल के बिछड़ जाने से डरता हूँ, डरता हूँ किसी को खो देने से, मेरा अब तक का इतिहास रहा, जो दूर रहा, वो अपना रहा, जो पास रहा, वो दूर रहा, शायद मैं मानुष ना रहा, अभी तक प्रयास रहा, ना आ पाये कोई मेरे अंदर तक, ना समझा, ना समझने ही दिया, ना याद बना, ना बनने दिया, शायद मैं अमानुष ही रहा, जिनका केवल दीदार किया, वर्षों तक उनकी याद रहीं, जिनसे मैंने इकरार किया, उनकी यादें भी नहीं, मैं कौन हूँ जो मानुष भी नहीं, अमानुष भी नहीं, शायद इन दोनों के बीच एक उलझा सा पागल हूँ  । हाँ मैं पागल ही हूँ ☺️.....पगलेट कवि !!  Follow

3...2...1....And Jump !!

बिफोर जम्प   जब मै बड़ा हो रहा था तो कुछ सपने पलने शुरू हो गए थे. उस समय दैनिक जागरण के साथ एक अतिरिक्त प्रति  'यात्रा'  आनी शुरू हुई थी उसमें यायावर प्रजाति के लोगों के लिए कुछ ठीक ठाक सामग्री मिलती थी और मै उसे बहुत गहराई से और कल्पना सागर में गोता लगाते हुए पढ़ा करता था  .  ऐसे ही किसी दिन की प्रति में पोखरा और वहां के कुछ रोमांचक खेलों (बंजी जम्पिंग भी ) के बारें में विस्तृत वर्णन था और वही से बाल मन ने ठान लिया था की पोखरा (नेपाल ) घूमना है और दुस्साहसी रोमांचक खेलों को जरुर आजमाना हैं .फिर हाई स्कूल में सेकंड डिवीज़न आया और लगा की सारे सपने ख़तम लेकिन रोंडा ब्र्य्ने के THE SECRET सिद्धांत (आकर्षण का सिद्धांत )  ने अपना काम जारी रखा. परिस्थितियां बदलती रही और कुछ छोटे मोटे सपने भी इसी के साथ आकर्षण के सिद्धांत पर चलते हुए पूरी होती रहीं. पिछले वर्ष मैंने नवरात्रि के छुट्टियों में ही बंजी जम्पिंग और पोखरा भ्रमण की योजना बनाई. पर दुसरा देश और एक खतरनाक खेल के लिए मानसिक रूप से तैयार हुए बिना ही अपने चाचा के साथ नेपाल निकल  पड़ा. मोह- माया ने ज...